बिहार सीवान में हीना शहाब का पलड़ा क्यों है भारी?चुनाव प्रचार में क्या होगा कविता सिंह का अगला कदम

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सिवान सीट पर कांटे की टक्कर

बात जब बिहार में लोकसभा चुनाव की हो तो सिवान लोकसभा सीट की चर्चा ना कि जाए ये हो ही नही सकता।सिवान के मैदान में दो बाहुबलियों की पत्नियां आमने-सामने हो गई हैं। जदयू की ओर से कविता सिंह के बाद राजद द्वारा हिना शहाब की उम्मीदवारी का एलान करते ही चुनावी माहौल में तेज़ी आ गयी है।हीना शहाब बाहुबली शहाबुद्दीन की पत्नी हैं।वैसे तो बिहार के सीवान जिले में वोटिंग बारह मई कोे होगी लेकिन चुनावी बयानबाजी तेज़ हो गयी है।अंतिम फैसला तो सिवान की जनता ही करेगी ,लेकिन नेताओं ने पूरे दम- खम के साथ अपना ज़ोर लगा दिया है।बिहार का सिवान सीट हॉट सीट बन गया है।

किसे चुनेगी सिवान की जनता

सिवान सीट पर पूर्व आर जे डी सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी और जेडीयू नेता अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह के बीच कांटे की टक्कर हैं।  जनता अबकी किसे चुनेगी ये वक़्त ही बताएगा।लेकिन चुनाव प्रचार दोनो ओर से जारी है।सीवान लोकसभा सीट से चुनाव में कौन जितेगा और कौेन हारेगा, इसका फैसला तो तेईस मई को हो जाएगा।

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हीना शहाब

हीना शहाब और कविता सिंह चुनाव प्रचार में जुटीं

हीना शहाब की पकड़ सिवान में अच्छी खासी है।अगर तुलना की जाए तो अभी तक हीना शहाब का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। बात यूँ है कि हीना शहाब की शिक्षा कविता सिंह से कम ज़रूर है, लेकिन राजनीतिक अनुभव में वह कविता सिंह से कोसों आगे हैं।

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हीना शहाब

जबकि इलाके में अजय की छवि हिंदूवादी नेता की है। चर्चित तेजाब कांड में सजायाफ्ता होने के बाद पिछली बार शहाबुद्दीन ने हिना को मैदान में उतारा था।कविता सिंह भी पूरा जोर लगा रही हैं। लिहाजा दोनो उम्मीदवारों की तरफ से इस चुनाव पूरा दम खम लगाया जा रहा है

सिवान सीट पर मुकाबला होगा बेहद दिलचस्प

सिवान का आकलन किया जाए तो ये पता चलता है कि बिहार के बाहुबलियों में सबसे चर्चित आरजेडी नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब सीवान से पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं तो जेडी (यू) ने भी उनके घोर विरोधी बाहुबली नेता अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह को उतारा है. हालांकि शहाबुद्दीन खुद चार बार सीवान से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. लेकिन फिलहाल एक केस में तिहाड़ जेल में बंद हैं.अबकी बार शहाबुद्दीन की पत्नी को RJD से टिकट मिला है।हालांकि शहाब को 2014 में बीजेपी के ओमप्रकाश यादव से मात खानी पड़ी थी.लेकिन इस बार हीना के प्रयास को देखकर लगता है कि इस बार इनका पलड़ा भारी रह सकता है और जनता साथ दे दी तो ये चुनी जा सकती हैं। गौरतलब है कि फैसला 23 मई को होना है।

सिवान के मैदान में दो बाहुबलियों की पत्नियां आमने-सामने हो गई हैं। जदयू की ओर से कविता सिंह के बाद राजद द्वारा हिना शहाब की उम्मीदवारी का एलान करते ही चुनावी माहौल गर्म हो गई है।

शुक्रवार को पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के उम्मीदवारों की घोषणा की। हिना शहाब के बाबत तो वैसे पहले से ही कयास था, लेकिन नाम के एलान के बाद जाहिर हो गया कि राजद सिवान में शहाबुद्दीन की विरासत को ही आगे बढ़ाना चाहता है।

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