बिहार की पहली मुस्लिम महिला IPS गुंचा सनोबर : एक मिसाल

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बिहार की पहली मुस्लिम बेटी IPS “गुंचा सरोवर” – एक मिसाल ,उन सारी लड़कियों और महिलाओं के लिए जो ज़िंदगी मे कुछ कर गुजरने की तमन्ना रखती हैं। एक मुस्लिम परिवार में जन्मी , पली, बढ़ी ,तालीम हासिल की और तालीम के बल पर आज ना सिर्फ बिहार का बल्कि पूरे देश का नाम रौशन किया। “गुंचा सरोवर” ना सिर्फ मुस्लिम बेटियों का बल्कि पूरे देश की बेटियों के लिए एक मिसाल है।

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बिहार की पहली मुस्लिम महिला IPS “गुंचा सनोबर”

गुंचा सनोबर

बिहार में प्रतिभा की कमी नही। एक से एक प्रतिभावान बिहार में हैं । गुंचा भी बिहार है।गुंचा सनोबर को UPSC के एग्जाम में 424वां रैंक मिला । उन्हें यह सफलता दूसरे प्रयास और परिश्रम से मिली ।गुंचा बिहार की पहली मुस्लिम महिला IPS बनी। बिहार की गुंचा मुस्लिम महिलाओं में बिहार की पहली IPS बनी।माशाअल्लाह!!

गुंचा सनोबर

मुस्लिम महिलाएं किसी से कम नही

हालांकि राज्य की पहली मुस्लिम महिला IAS बनने का गौरव “शहला निगार” को प्राप्त है। शहला ने साल 2000 के UPSC परीक्षा में दूसरा मुकाम पाया था। मुस्लिम घराने से होकर बिहार की पहली मुस्लिम IAS बनी शहला । महिलाओं और लड़कियों को अगर सही तालीम दी जाए तो वो लड़कों से कम नही । इनलोगों ने ये सिद्ध कर दिखाया।


पिता अनवर IPS रह चुुके हैं

गुंचा सनोबर

गुुंचा के पििता पूर्व IPS रह चुुके हैं। ये 2009 तक पटना के सिटी एसपी रह चुके हैं। जनवरी में दरभंगा से डीआईजी पद से रिटायर हुए हैं।

उनकी तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी खुशबू यास्मिन दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (डीएमसीएच) से पीजी कर रही हैं। छोटी बेटी जेबा परवीन मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। सनोबर उनकी मंझली बेटी हैं। ये लोग बिहार के पीीपरहवा गांव के बताये जा रहे।बेटी ने माँ बाप का नाम रौशन कर दिया।


सनोबर ने दिखा दिया मुस्लिम महिलाएं प्रतिभाशाली

सनोबर की कामयाबी से उनके घर में खुशी छाई।पूरा देश और बिहार खुश हुआ। जिस दिन IPS बनी थी उस दिन दिनभर उनके रिश्तेदार घर पहुंचकर अनवर और उनकी पत्नी मजलूमा खातून को मुबारकबाद देते रहे।पटना में रहकर ड सनाेबर ने डीएवी वाल्मी से दसवीं एग्जाम पास की। नोट्रेडम से प्लस टू और दयानंद सागर कॉलेज बेंगलुरु से इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की है। दो-तीन साल से वह दिल्ली के करोलबाग में रहकर यूपीएससी एग्जाम की तैयारी कर रही थीं। मेहनत रंग लाई।

पिता अनवर और उनकी पत्नी ने कहा

बेटियों ने खानदान का नाम रौशन किया।इससे बड़ा तोहफा कुछ नही हो सकता

सफलता की वजह परिवार और मेहनत


सनोबर ने बताया कि मेरी सक्सेस के पीछे मेरे डैडी और मम्मी और बड़ी बहन हैं। इन सब ने हमेशा हौसला बढ़ाया। कहा- मौका मिला तो बिहार और देश के लोगों की खिदमत करने में पीछे नहीं रहूंगी। इन महिलाओं की सफलता ने बता दिया कि अच्छी तालीम और प्रतिभा हो तो बेटियां किसी भी फील्ड में बेटों से कम नही।

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