बिलकिस बानो केस:50 लाख रुपये मुआवजा घर और सरकारी नौकरी,आरोपियों को कोई कड़ी सज़ा नही

loading...

आरोपियों को कोई कड़ी सजा नही

2002 गुजरात कांड की बलात्कार पीड़िता बिलकिस बानो को सुप्रीम कोर्ट ने 50 लाख रुपये, घर और सरकारी नौकरी देने का आदेश दे दिया है।मगर आरोपियों को कोई कड़ी सज़ा नहीं दी गयी है।

loading...

2002 , गुजरात कांड, बिलकिस के साथ हुई घटना

बिलकिस बानो किसी भी पीड़िता के लिए प्रेरणा हो सकती है
2002 गुजरात काण्ड में बिल्किस का रे*प हुआ था बल्कि इनके परिवार के 14 लोगों की हत्या भी हुई थी और उस समय यह गर्भवती भी थीं। इनकी दो साल की बच्ची को पटककर दं*गा*इयों ने मार डाला था और इनको भी मरा समझकर वो छोड़ गए ।

loading...

हिम्मत नही हारी,न्याय के लिए लड़ती रही बिलकिस

इतना सब कुछ देखने और सहने के बावजूद भी बिकलिस बानो ने हिम्मत नही हारी और अपनी लड़ाई लड़ती रही हालांकि जब वो एफआईआर कराने गयीं तो एफआईआर नही लिख रहे थे , फिर सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुआ लेकिन यह हारी नही और सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को सज़ा भी दी और गुजरात सरकार ने 5 लाख मुआवजा देने की बात कही थी जिसको बिलकिस बानो ने यह कहकर ठुकरा दिया था कि मुआवजा ऐसा हो जो नज़ीर बने।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि गुजरात सरकार बिलकिस बानो को 50 लाख का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी और एक घर दे इसके साथ ही 4 पुलिस वालों की पेंशन रोकी गयी है और एक आईपीएस ऑफिसर को डिमोट किया गया है ।इस माामले पर लोोो का कहना है कि आरोपियो को फां*सी की सज़ा होनी चााहिये थी।

अदालत ने गुजरात सरकार से कहा कि खुद को किस्मतवाला समझिये कि हम आपके खिलाफ टिप्पणी नही कर रहे ।



loading...