दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को जाटों ने जूतों से पीटा

लखनऊ ।। दिल्ली के बवाना में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की पिटाई की खबरें आ रही हैं। वह यहां पर वोट मांगने आए थे। इसी दौरान नोटबंदी और तमाम मुद्दों को लेकर लोगों ने उनके ऊपर हमला कर दिया।बताया जा रहा है कि भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी जिसको 50 में से 46 घटाना नहीं आता है, कल एक जनसभा मे नोटबंदी के फायदे बताने की कोशिश ही कर रहा था कि जनता ने जूतों से  पिटाई की है।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में बवाना में जिस तरह से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ मारपीट हुई, वो कतई अच्छी बात नहीं है. सोशल मीडिया पर डॉ महेंद्र यादव लिखते हैं कि आप लोगों को बार-बार समझाया गया कि शांति से बैठो और भाषण सुनो, लेकिन कुछ लोग बीच-बीच में हुआ-हुआ चिल्लाते रहे जो शोभा नहीं देता। एक खलिहर आदमी तो मंच के पीछे छिप गया, बताइए ये क्या बात हुई।

ये आदमी हर बार मनोज तिवारी को पीछे से गठान फेंककर मारता रहा। थोड़ी लाइट गई, तो पीछ से किसी ने थप्पड़ भी जमा दिया। और बेशर्मी देखिए, जब पूछा कि किसने मारा तो कोई बोलता है, भूत ने मारा। ये भूत ऐसे ही क्यों मारता है! भाजपा के नेताओं को ही क्यों मारता है? बाद में तो कई लोगों ने खुलकर मारा, उसकी शिकायत नहीं है। ऐसे तो कई बार भाजपाई पिटते रहे हैं क्योंकि फितरत से छिछोरे हैं। सवाल ये है कि भूत क्यों और किसलिए मारता है? गठान फेंककर क्यों मारता है? मारने के पहले और बाद में हुआ हुआ क्यों करता है?

बवाना में 23 अगस्त को उपचुनाव हुआ था , जिसके लिए सभी पार्टियां पूरा दमखम दिखाने में लगी हुई थी। इस सीट से विधायक वेद प्रकाश ने आप पार्टी छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया है और वह मैदान में थे । इस चुनाव में ही मनोज तिवारी वोट मांगने गए हुए थे।

शनिवार को यह हमला उस वक्त हुआ जब मनोज तिवारी बवाना में जनता को संबोधित कर रहे थे। इस घटना से दिल्ली पुलिस के हाथ- पांव फूल गए है। पुलिस इस मामले की तेजी से जांच कर रही है। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मीडिया को बताया गया कि, ‘मनोज तिवारी पर हमला उस समय हुआ जब वह बवाना उपचुनाव के लिए एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। ऐसा लगता है कि चुनाव में अपनी हार को सामने देख विपक्षी पार्टियां हिंसा पर उतारू हो गई हैं। हमले में मनोज को किसी प्रकार की चोट नहीं लगी है।’